इतना भी क्या सोच रहे हो? By Rizwan Riz
इतना भी क्या सोच रहे हो?
क्या तुम भी वो ही सोच रहे हो?
मैं तो तुमको सोच रहा हूँ।
क्या तुम भी मुझको सोच रहे हो?
रूठो मत, मैं भी मान गया हूँ।
बैचैनी पहचान गया हूँ।
चलो, चलो मन हल्का करलो।
मुझको अपनी बाहों में भर लो।
अब नीचे तुम क्या देख रहे हो।
मैं भी वोही सोच रहा हूँ।
जैसा तुम सोच रहे हो।
छोड़ो, चलो अब शर्माना।
उल्टे-सीधे चेहरे बनाना।
मुझको सब मालूम है।
तुम क्या-क्या सोच रहे हो।
मैं भी वोही सोच रहा हूँ।
जैसा तुम सोच रहे हो।
इतनी बड़ी कोई बात नहीं है।
चुप रहने की बात नहीं है।
कब से लब ख़ामोश हैं तुम्हारे
बस आँखों से ही बोल रहे हो।
मैं भी तुमको सोच रहा हूँ।
क्या तुम भी मुझको सोच रहे हो?
-रिज़वान रिज़
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Thankyou...
-Rizwan Riz