काश! तुम हमारे होते By Rizwan Riz
काश! तुम हमारे होते।
हम पूरे हो जाते।
मुक़म्मल हो जाते कई सफर।
कई ख़्वाब पूरे हो जाते।
काश! तुम हमारे होते।
हमें फिर कोई आस न होती
किसी और की तलाश न होती।
किसी से मिलन की चाह न रहती
आँखों में कोई भी राह न रहती।
ख़ुद हम भी बस तुम्हारे होते।
काश! तुम हमारे होते।
और हम इतने उदास न होते।
तन्हाई के साथ न रहते।
वक़्त भी कितना प्यारा होता
हम भी तुम्हारी बाहों में सोते।
काश! तुम हमारे होते।
- रिज़वान रिज़
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Thankyou...
-Rizwan Riz