आसाँ नहीं होता

आसाँ नहीं होता..
किसी ग़म को छुपाना
दिल पे भारी बोझ उठाना।
आसाँ नहीं होता..

बेवज़ह मुस्कुराना, और
मुस्कुराने की वज़ह बताना।
आसाँ नहीं होता..

सच बताना, झूठ छुपाना
किसी राज़ को दबाना।
आसाँ नहीं होता..

उम्मीद लगाना, भरोसा दिलाना
उम्मीदों पे खरा उतरना।
आसाँ नहीं होता..

दिल लगाना, दिल चुराना
और आँखों से बातें करना।
आसाँ नहीं होता..

इज़हार करना, प्यार करना
धोखा खाना।
आसाँ नहीं होता..

न हँसना, न खिलखिलाना।
पलकों पे आँसू लाना।
आसाँ नहीं होता..

किसी का होना, उसे अपना बनाना
किसी एक से दिल लगाना।
आसाँ नहीं होता..

राह तकना, जुदाई सहना
इक-दूसरे से अलग रहना।
आसाँ नहीं होता..

वादा करना, कसमें खाना
कसमों-वादों को निभाना।
आसाँ नहीं होता..

दोस्ती करना, दुश्मनी रखना
फिर अपने को तनहा पाना।
आसाँ नहीं होता..

याद रखना, भूल जाना
बीते वक़्त का लौट आना।
आसाँ नहीं होता..

टूट जाना, फिर बिखरना
बार-बार यही दोहराना।
आसाँ नहीं होता..

तन्हाई में हँसना, भीड़ में रोना।
किसी के आगे खुल जाना।
आसाँ नहीं होता..

चाहत रखना, लक्ष्य बनाना
सपनों को सच कर जाना।
आसाँ नहीं होता..

जीवन जीना, मौत को सहना
सच्चाई का सामना करना।
आसाँ नहीं होता..

— रिज़वान रिज़

Comments

Popular posts from this blog

गुलिस्तान

कुछ भी लिख देते हो

तेरी सूरत